ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच (Fitch) ने मोदी सरकार को आर्थिक मोर्चे पर झटका दिया है. दरअसल, फिच ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7.4% से घटाकर 7.2% कर दिया है. चालू वित्त वर्ष (2018-19) के लिए यह अनुमान जारी किया गया है.
इसके साथ ही फिच ने मोदी सरकार की आर्थिक नीति पर भी सवाल खड़े किए हैं. रेटिंग एजेंसी का कहना है कि भारत की जीडीपी के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहने और बाजार में नकदी की कमी को देखते हुए अनुमान घटाया गया है. जुलाई-सितंबर में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.1% रही, अप्रैल-जून में यह 8.2% थी.
फिच के मुताबिक अगले वित्त वर्ष (2019-20) में भारत की विकास दर 7% और साल 2020-21 में 7.1% रहने की उम्मीद है. रेटिंग एजेंसी ने जून में 2019-20 के लिए 7.5% ग्रोथ का अनुमान जारी किया था. रेटिंग एजेंसी का कहना है कि अगले साल होने वाले आम चुनावों को देखते हुए उम्मीद है कि भारत की वित्तीय नीतियां लगातार ग्रोथ को बढ़ावा देने वाली होंगी. फिच के मुताबिक साल 2019 के आखिर तक डॉलर के मुकाबले रुपया 75 तक गिर सकता है.
फिच के मुताबिक डोमेस्टिक डिमांड के कुछ कंपोनेंट का प्रदर्शन अच्छा रहा, विशेष तौर पर इन्वेस्टमेंट का. इन्वेस्टमेंट में वित्त वर्ष 2017 की दूसरी छमाही के बाद से धीरे-धीरे मजबूती आई है.
अभी भी NPA का उच्च स्तर बरकरार
फिच ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र अभी भी NPA के उच्च स्तर से जूझ रहा है, जबकि नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस IL&FS के डिफॉल्ट्स के बाद लिक्विडिटी की कमी की समस्या झेल रहे हैं.
उमा भारती को राजनीतिक पहचान अयोध्या आंदोलन से मिली. बाबरी विध्वंस के दौरान उमा भारती अयोध्या में मौजूद रही और उन्हें भी इस मामले में आरोपी हैं. हिंदुत्व की चेहरा और फायर बिग्रेड नेता के तौर पर उनकी पहचान बन चुकी थी. बीजेपी नेताओं में उनकी तूती बोलती थी, मौजूदा समय में मोदी सरकार में मंत्री हैं लेकिन भविष्य में लोकसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया है.
कटियार राम मंदिर के फायर बिग्रेड चेहरा
राम मंदिर आदोलन को लेकर विनय कटियार के तेवर शुरू से सख्त थे और आज भी वैसा ही है. कटियार कट्टर हिंदुत्व के चेहरा माने जाते थे. बाबरी विध्वंस के दौरान विनय कटियार अयोध्या में मौजूद थे और वो इस मामले में आरोपी हैं. कारसेवकों को बाबरी मस्जिद तोड़ने के लिए उकसाने का आरोप कटियार पर लगा है. वो मौजूदा समय में बीजेपी के महज सदस्य हैं और न पार्टी में उनकी भूमिका है और न ही सरकार में.
अयोध्या का साधू बन गया सासंद
अयोध्या आंदोलन के चेहरे के तौर राम विलास वेदांती का नाम भी आता है. अयोध्या के बड़े साधुओं में नाम आता है. राम मंदिर आदोलन ने वेदांती को राजनीतिक पहचान दी और वो बीजेपी सांसद बने थे. मौजूदा समय में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे है, लेकिन बीजेपी और सरकार में हाशिये पर हैं.
इसके अलावा बाबरी विध्वंस के दौरान राजमाता विजयराजे सिंधिया भी अयोध्या में मौजूद थीं, लेकिन उनका निधन हो चुका है. इसके अलावा स्वामी चिन्मयानंद भी अयोध्या आंदोलन के बड़े चेहरे थे, लेकिन मौजूदा समय में बीजेपी और सराकर- दोनों में कोई भूमिका नहीं है.
Thursday, December 6, 2018
Wednesday, November 28, 2018
मध्य प्रदेश चुनाव में 'पिछड़ती भाजपा' पर 'RSS के सर्वे' का सच
राजस्थान में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों के लिए 7 दिसंबर को सूबे में मतदान होगा और 11 दिसंबर को मतों की गणना होगी.
वहीं मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग कल यानी बुधवार, 28 नवंबर को होनी है. मध्यप्रदेश में भी मतों की गणना 11 दिसंबर को ही होगी.
मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार बंद हो चुका है. जबकि राजस्थान में चुनाव प्रचार अभी ज़ोरों पर है और चुनावी माहौल में तमाम तरह की बेबुनियाद ख़बरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं.
इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि जो चीज़ें सोशल मीडिया पर जारी की जा रही हैं, उनके साथ या तो आधी-अधूरी जानकारी दी जा रही है या फिर ख़ास परिदृश्य जोड़कर उन्हें पेश किया जा रहा है.
मध्यप्रदेश चुनाव पर आरएसएस का सर्वे
मध्यप्रदेश चुनाव पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक कथित सर्वे सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पैड पर छपे इस कथित सर्वे में ये दावा किया गया है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ये सर्वे 15 नवंबर से 21 नवंबर के बीच किया गया था.
भारतीय जनता पार्टी के मध्यप्रदेश अध्यक्ष और जबलपुर से सांसद राकेश सिंह के नाम से प्रेषित इस चिट्ठी में लिखा है कि उज्जैन संभाग में अचानक से भाजपा की स्थिति ख़राब हुई है. वहीं इंदौर, ग्वालियर, रीवा एवं मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र में टिकट वितरण की ग़लतियों का खामियाज़ा भी बड़े पैमाने पर नज़र आ रहा है.
इस चिट्ठी में ये भी दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रैलियों का मध्यप्रदेश की जनता पर ग़लत प्रभाव पड़ रहा है.
इस कथित सर्वे के अनुसार, कांग्रेस 142 सीटों पर काफ़ी मज़बूत स्थिति में है.
लेकिन ये पूरा सर्वे फ़ेक है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली और भोपाल दफ़्तर के अनुसार उन्हें ये फ़र्ज़ी चिट्ठी रविवार को प्राप्त हुई थी.
आरएसएस के भोपाल (ज़िला) प्रचारक मनोहर राजपाल ने बताया कि चिट्ठी में प्रमोद नामदेव नाम के जिस शख़्स का हस्ताक्षर है, उस नाम से कोई सर्वे एवं जनमत दल प्रमुख आरएसएस में नहीं है.
गहलोत और राहुल का डांस वीडियो
दक्षिण पंथी रुझान रखने वाले कुछ फ़ेसबुक ग्रुप्स में एक वीडियो शेयर किया जा रहा है.
इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में डांस करते दिखाई दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें | गहलोत ने नहीं कहा 'जाटों को सीएम नहीं बनने दूंगा'
बहुत से लोगों ने फ़ेसबुक और व्हॉट्सऐप पर इस वीडियो को शेयर करते हुए ये टिप्पणी की है कि 'गहलोत गांधी परिवार के सेवक हैं. वो उनकी ही सेवा करते रहेंगे. जो नेता चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के साथ जाकर डांस करने के लिए वक़्त निकाल सकता है, वो राजस्थान की जनता के लिए क्या वक़्त निकालेगा?'
सोमवार रात को भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस वीडियो को ट्वीट किया.
अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, "गहलोत जी आप इस वीडियो में क्या कर रहे हैं? राजस्थान की जनता की सेवा या 'बेबी सिटिंग'? राजस्थान की जनता ये जानना चाह रही है!"
हमारी पड़ताल में ये पता चला है कि इस वीडियो का राजस्थान चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. कुछ लोगों ने इस वीडियो को सोची-समझी प्लानिंग के तहत ख़ास एंगल दिया है.
वहीं मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग कल यानी बुधवार, 28 नवंबर को होनी है. मध्यप्रदेश में भी मतों की गणना 11 दिसंबर को ही होगी.
मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार बंद हो चुका है. जबकि राजस्थान में चुनाव प्रचार अभी ज़ोरों पर है और चुनावी माहौल में तमाम तरह की बेबुनियाद ख़बरें सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं.
इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि जो चीज़ें सोशल मीडिया पर जारी की जा रही हैं, उनके साथ या तो आधी-अधूरी जानकारी दी जा रही है या फिर ख़ास परिदृश्य जोड़कर उन्हें पेश किया जा रहा है.
मध्यप्रदेश चुनाव पर आरएसएस का सर्वे
मध्यप्रदेश चुनाव पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक कथित सर्वे सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पैड पर छपे इस कथित सर्वे में ये दावा किया गया है कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा के बाद ये सर्वे 15 नवंबर से 21 नवंबर के बीच किया गया था.
भारतीय जनता पार्टी के मध्यप्रदेश अध्यक्ष और जबलपुर से सांसद राकेश सिंह के नाम से प्रेषित इस चिट्ठी में लिखा है कि उज्जैन संभाग में अचानक से भाजपा की स्थिति ख़राब हुई है. वहीं इंदौर, ग्वालियर, रीवा एवं मध्यप्रदेश के मध्य क्षेत्र में टिकट वितरण की ग़लतियों का खामियाज़ा भी बड़े पैमाने पर नज़र आ रहा है.
इस चिट्ठी में ये भी दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की रैलियों का मध्यप्रदेश की जनता पर ग़लत प्रभाव पड़ रहा है.
इस कथित सर्वे के अनुसार, कांग्रेस 142 सीटों पर काफ़ी मज़बूत स्थिति में है.
लेकिन ये पूरा सर्वे फ़ेक है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली और भोपाल दफ़्तर के अनुसार उन्हें ये फ़र्ज़ी चिट्ठी रविवार को प्राप्त हुई थी.
आरएसएस के भोपाल (ज़िला) प्रचारक मनोहर राजपाल ने बताया कि चिट्ठी में प्रमोद नामदेव नाम के जिस शख़्स का हस्ताक्षर है, उस नाम से कोई सर्वे एवं जनमत दल प्रमुख आरएसएस में नहीं है.
गहलोत और राहुल का डांस वीडियो
दक्षिण पंथी रुझान रखने वाले कुछ फ़ेसबुक ग्रुप्स में एक वीडियो शेयर किया जा रहा है.
इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम में डांस करते दिखाई दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें | गहलोत ने नहीं कहा 'जाटों को सीएम नहीं बनने दूंगा'
बहुत से लोगों ने फ़ेसबुक और व्हॉट्सऐप पर इस वीडियो को शेयर करते हुए ये टिप्पणी की है कि 'गहलोत गांधी परिवार के सेवक हैं. वो उनकी ही सेवा करते रहेंगे. जो नेता चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के साथ जाकर डांस करने के लिए वक़्त निकाल सकता है, वो राजस्थान की जनता के लिए क्या वक़्त निकालेगा?'
सोमवार रात को भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस वीडियो को ट्वीट किया.
अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, "गहलोत जी आप इस वीडियो में क्या कर रहे हैं? राजस्थान की जनता की सेवा या 'बेबी सिटिंग'? राजस्थान की जनता ये जानना चाह रही है!"
हमारी पड़ताल में ये पता चला है कि इस वीडियो का राजस्थान चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. कुछ लोगों ने इस वीडियो को सोची-समझी प्लानिंग के तहत ख़ास एंगल दिया है.
Monday, November 26, 2018
बहू ने सड़क पर फेंका कूड़ा, दलित बुजुर्ग को पीट-पीटकर मार डाला
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां एक बहू के किए की कीमत उसके ससुर को चुकानी पड़ी. दरअसल, एक महिला ने सड़क पर कूड़ा फेंक दिया. इस बात से नाराज होकर कुछ लोगों ने उस महिला के बुजुर्ग ससुर की लाठी डंडों से पिटाई कर दी. जिस कारण बुजुर्ग ने मौके पर ही दम तोड़ दिया.
मामला शाहजहांपुर जिले के मदनापुर थाना क्षेत्र का है. जहां एक गांव में दलित समुदाय का 60 वर्षीय सीताराम अपने परिवार के साथ रहता था. रविवार को सीताराम की बहू झुमका ने घर बाहर मुख्य सड़क पर कूड़ा फेंक दिया. इल्जाम है कि इस बात नाराज होकर गांव के कुछ लोग महिला के घर पहुंच गए और वहां मौजूद उसके बुजुर्ग ससुर सीताराम की लाठी डंडों से पिटाई कर दी.
बुजुर्ग सीताराम घायल होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े. आरोपी मौके से फरार हो गए. परिजन बुजुर्ग को लेकर फौरन अस्पताल पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सीताराम को मृत घोषित कर दिया. परिवार ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत की. पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आईपीसी की हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है.
पुलिस के अनुसार गांव में कूड़े को लेकर सीताराम का गांव के ही बीरबल, अंकित और विश्वनाथ यादव के साथ झगड़ा हुआ था. उस वक्त सीताराम के परिवार का एक सदस्य और वहां मौजूद था. लेकिन वह मौके से भाग गया. जबकि आरोपियों ने सीताराम को पिटाई की. जिससे उसकी मौत हो गई.
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. घटना को लेकर दलित समुदाय के लोगों में रोष है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री आए तो थे कांग्रेस के बिगड़े काम बनाने पर आग लगा गए. बागियों को मनाने बाड़मेर आए विलासराव ने कहा कि हम सभी बागी नेताओं को मनाने में लगे हुए हैं लेकिन इसके बावजूद नहीं माने तो पार्टी इन लोगों पर कार्रवाई करेगी. इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी पंकज प्रताप सिंह के कार्यालय पहुंचे पूर्व केन्द्रीय मंत्री विलासराव ने लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर तंज कसा.
उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार ने झूठ बोलने के सिवाय किया क्या है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नंबर का झूठा पीएम है, पूरी दुनिया में ऐसा पीएम कभी नहीं देखा.'
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने विवादित बयान देते हुए कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी जो राहुल गांधी से भिड़ रहे हैं, नरेन्द्र मोदी को पीएम बनने से पहले कौन जानता था. आज भी पीएम नरेंद्र मोदी के बाप का नाम कोई नहीं जानता है, लेकिन राहुल गांधी के बाप का नाम तो क्या पीढ़ियों का नाम तक सभी को पता है और जिसके बाप का नाम पता नहीं वो प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी से हिसाब मांग रहे हैं. किस बात का हिसाब मांग रहे हैं.‘
कांग्रेस पार्टी के टिकट बंटवारे के बाद सिवाना विधानसभा में कांग्रेस पार्टी में हुई आपसी फूट व बगावत के बाद शनिवार को रूठे नेताओं को मनाने के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री विलासराव मुत्तेवार सिवाना पंहुचे. यहां उन्होंने कई बागी नेताओं से संपर्क किया लेकिन सिर्फ एक बागी पूर्व प्रधान गरिमा राजपुरोहित को ही मना पाए.
मामला शाहजहांपुर जिले के मदनापुर थाना क्षेत्र का है. जहां एक गांव में दलित समुदाय का 60 वर्षीय सीताराम अपने परिवार के साथ रहता था. रविवार को सीताराम की बहू झुमका ने घर बाहर मुख्य सड़क पर कूड़ा फेंक दिया. इल्जाम है कि इस बात नाराज होकर गांव के कुछ लोग महिला के घर पहुंच गए और वहां मौजूद उसके बुजुर्ग ससुर सीताराम की लाठी डंडों से पिटाई कर दी.
बुजुर्ग सीताराम घायल होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े. आरोपी मौके से फरार हो गए. परिजन बुजुर्ग को लेकर फौरन अस्पताल पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद सीताराम को मृत घोषित कर दिया. परिवार ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत की. पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ आईपीसी की हत्या और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है.
पुलिस के अनुसार गांव में कूड़े को लेकर सीताराम का गांव के ही बीरबल, अंकित और विश्वनाथ यादव के साथ झगड़ा हुआ था. उस वक्त सीताराम के परिवार का एक सदस्य और वहां मौजूद था. लेकिन वह मौके से भाग गया. जबकि आरोपियों ने सीताराम को पिटाई की. जिससे उसकी मौत हो गई.
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. घटना को लेकर दलित समुदाय के लोगों में रोष है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री आए तो थे कांग्रेस के बिगड़े काम बनाने पर आग लगा गए. बागियों को मनाने बाड़मेर आए विलासराव ने कहा कि हम सभी बागी नेताओं को मनाने में लगे हुए हैं लेकिन इसके बावजूद नहीं माने तो पार्टी इन लोगों पर कार्रवाई करेगी. इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी पंकज प्रताप सिंह के कार्यालय पहुंचे पूर्व केन्द्रीय मंत्री विलासराव ने लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर तंज कसा.
उन्होंने कहा, ‘भाजपा सरकार ने झूठ बोलने के सिवाय किया क्या है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक नंबर का झूठा पीएम है, पूरी दुनिया में ऐसा पीएम कभी नहीं देखा.'
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने विवादित बयान देते हुए कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी जो राहुल गांधी से भिड़ रहे हैं, नरेन्द्र मोदी को पीएम बनने से पहले कौन जानता था. आज भी पीएम नरेंद्र मोदी के बाप का नाम कोई नहीं जानता है, लेकिन राहुल गांधी के बाप का नाम तो क्या पीढ़ियों का नाम तक सभी को पता है और जिसके बाप का नाम पता नहीं वो प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी से हिसाब मांग रहे हैं. किस बात का हिसाब मांग रहे हैं.‘
कांग्रेस पार्टी के टिकट बंटवारे के बाद सिवाना विधानसभा में कांग्रेस पार्टी में हुई आपसी फूट व बगावत के बाद शनिवार को रूठे नेताओं को मनाने के लिए पूर्व केन्द्रीय मंत्री विलासराव मुत्तेवार सिवाना पंहुचे. यहां उन्होंने कई बागी नेताओं से संपर्क किया लेकिन सिर्फ एक बागी पूर्व प्रधान गरिमा राजपुरोहित को ही मना पाए.
Tuesday, November 13, 2018
होटल के किराए से फंक्शन के इंश्योरेंस तक जानें सब कुछ
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की 14-15 नवंबर को इटली के "लेक कोमो" में शादी की रस्में निभाई जाएंगी. शादी 2 रीति-रिवाजों से हो रही है. 14 नवंबर को कोंकणी परंपरा में और 15 को सिंधी रीति रिवाज से शादी संपन्न होगी. 13 नवंबर को संगीत सेरेमनी होगी. इस ग्रैंड वेडिंग पर सभी की नजरें टिकी हैं.
एक नजर डालते हैं कपल की शादी, गेटअप, मेन्यू और रिसेप्शन से जुड़ी सभी डिटेल्स पर...
फंक्शन का बीमा
वहीं सरकारी बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस (ओआईसी) ने इनकी शादी के वेन्यू का इंश्योरेंस किया है. इटली में होने वाली शादी को इस पॉलिसी के अंतर्गत कवर किया गया है. इस पॉलिसी के तहत दीपिका रणवीर की शादी को पांच दिनों (12-16) तक चोरी, विस्फोट, विमान यात्रा, भूकंप, पानी, बाढ़, तूफान और आग से हुई क्षति को कवर किया जाएगा. कवर में ज्वैलरी भी शामिल है.
एक दिन का किराया 24 लाख रुपये
रिपोर्ट्स के मुताबिक जहां शादी हो रही है उस लग्जरी प्रोपर्टी में एक कमरे का न्यूनतम किराया 400 यूरो (करीब 33,000 रुपये) है. प्रॉपर्टी में 75 कमरे हैं. इस हिसाब से देखें तो दीपिका रणवीर रोजाना प्रॉपर्टी के किराए के रूप में 24,75,000 रुपये खर्च कर रहे हैं. एक हफ्ते के लिए दोनों 1,73,25,000 रुपये किराए में खर्च करेंगे.
दीपिका-रणवीर का संगीत समारोह, ये म्यूजिशियन्स करेंगे परफॉर्म
लेक कोमो में कब तक रहेंगे दीपवीर
दोनों शादी के बाद 16 नवंबर तक लेक कोमो में रह सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शादी के फंक्शन और दूसरी चीजों के लिए बीमा कराया गया है. बीमा की समयावधि 12 से 16 नवंबरतक की है.
कब से शुरू होंगे फंक्शन?
रणवीर-दीपिका 10 नवंबर को इटली रवाना हुए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 नवंबर को संगीत सेरेमनी होगी. जिसमें करीबी दोस्त और परिवारवाले शामिल होंगे. दीपवीर ने शादी को निजी रखने का फैसला किया है. इसलिए कम लोगों को मैरिज सेरेमनी में इंवाइट किया गया है.
दीपिका रणवीर की शादी और मनोरंजन जगत की दूसरी ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
कब शादी करेंगे दीपिका रणवीर?
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण 14-15 नवंबर को इटली के "लेक कोमो" में शादी कर रहे हैं. इस आलीशन वेन्यू में कई हॉलीवुड सेलेब्स के प्रोग्राम हुए हैं. हाल ही में ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की सगाई भी लेक कोमो की खूबसूरत वादियों में हुई थी.
किन रीति-रिवाज से होगी शादी?
शादी 2 रीति-रिवाजों से होगी. 14 नवंबर को कोंकणी परंपरा में और 15 को सिंधी रीति रिवाज (आनंद कारज) से शादी संपन्न होगी. बताते चलें कि दीपिका कोंकणी मूल की हैं जबकि रणवीर सिंधी.
शादी में क्या पहनेंगी दीपिका पादुकोण?
कोंकणी रीति रिवाज से होने वाली शादी में दीपिका के साड़ी और सोने के आकर्षक गहने पहनने की खबरें हैं. जबकि सिंधी रीति-रिवाज से होने वाली शादी में दीपिका लहंगा पहनेंगी. लहंगे का रंग गुलाबी और पर्पल बताया जा रहा है जिसके साथ वे रीगल जड़ाऊ नेक्लेस पहनेंगी. शादी के दिन दीपिका डिजाइनर सब्यसाची के कलेक्शन में नजर आएंगी.
मेन्यू में होगा क्या-क्या?
दीपवीर की शादी के मेन्यू में इंडियन और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों को सलेक्ट किया गया है. 14 नवंबर को पारंपरिक मेन्यू होगा, जिसमें डोसा और चावल सर्व किया जाएगा और 15 नवंबर को पंजाबी आइटम सर्व किए जाएंगे.
एक नजर डालते हैं कपल की शादी, गेटअप, मेन्यू और रिसेप्शन से जुड़ी सभी डिटेल्स पर...
फंक्शन का बीमा
वहीं सरकारी बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस (ओआईसी) ने इनकी शादी के वेन्यू का इंश्योरेंस किया है. इटली में होने वाली शादी को इस पॉलिसी के अंतर्गत कवर किया गया है. इस पॉलिसी के तहत दीपिका रणवीर की शादी को पांच दिनों (12-16) तक चोरी, विस्फोट, विमान यात्रा, भूकंप, पानी, बाढ़, तूफान और आग से हुई क्षति को कवर किया जाएगा. कवर में ज्वैलरी भी शामिल है.
एक दिन का किराया 24 लाख रुपये
रिपोर्ट्स के मुताबिक जहां शादी हो रही है उस लग्जरी प्रोपर्टी में एक कमरे का न्यूनतम किराया 400 यूरो (करीब 33,000 रुपये) है. प्रॉपर्टी में 75 कमरे हैं. इस हिसाब से देखें तो दीपिका रणवीर रोजाना प्रॉपर्टी के किराए के रूप में 24,75,000 रुपये खर्च कर रहे हैं. एक हफ्ते के लिए दोनों 1,73,25,000 रुपये किराए में खर्च करेंगे.
दीपिका-रणवीर का संगीत समारोह, ये म्यूजिशियन्स करेंगे परफॉर्म
लेक कोमो में कब तक रहेंगे दीपवीर
दोनों शादी के बाद 16 नवंबर तक लेक कोमो में रह सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शादी के फंक्शन और दूसरी चीजों के लिए बीमा कराया गया है. बीमा की समयावधि 12 से 16 नवंबरतक की है.
कब से शुरू होंगे फंक्शन?
रणवीर-दीपिका 10 नवंबर को इटली रवाना हुए थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 13 नवंबर को संगीत सेरेमनी होगी. जिसमें करीबी दोस्त और परिवारवाले शामिल होंगे. दीपवीर ने शादी को निजी रखने का फैसला किया है. इसलिए कम लोगों को मैरिज सेरेमनी में इंवाइट किया गया है.
दीपिका रणवीर की शादी और मनोरंजन जगत की दूसरी ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
कब शादी करेंगे दीपिका रणवीर?
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण 14-15 नवंबर को इटली के "लेक कोमो" में शादी कर रहे हैं. इस आलीशन वेन्यू में कई हॉलीवुड सेलेब्स के प्रोग्राम हुए हैं. हाल ही में ईशा अंबानी और आनंद पीरामल की सगाई भी लेक कोमो की खूबसूरत वादियों में हुई थी.
किन रीति-रिवाज से होगी शादी?
शादी 2 रीति-रिवाजों से होगी. 14 नवंबर को कोंकणी परंपरा में और 15 को सिंधी रीति रिवाज (आनंद कारज) से शादी संपन्न होगी. बताते चलें कि दीपिका कोंकणी मूल की हैं जबकि रणवीर सिंधी.
शादी में क्या पहनेंगी दीपिका पादुकोण?
कोंकणी रीति रिवाज से होने वाली शादी में दीपिका के साड़ी और सोने के आकर्षक गहने पहनने की खबरें हैं. जबकि सिंधी रीति-रिवाज से होने वाली शादी में दीपिका लहंगा पहनेंगी. लहंगे का रंग गुलाबी और पर्पल बताया जा रहा है जिसके साथ वे रीगल जड़ाऊ नेक्लेस पहनेंगी. शादी के दिन दीपिका डिजाइनर सब्यसाची के कलेक्शन में नजर आएंगी.
मेन्यू में होगा क्या-क्या?
दीपवीर की शादी के मेन्यू में इंडियन और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों को सलेक्ट किया गया है. 14 नवंबर को पारंपरिक मेन्यू होगा, जिसमें डोसा और चावल सर्व किया जाएगा और 15 नवंबर को पंजाबी आइटम सर्व किए जाएंगे.
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